15 वैदिक पूजा सेवाएँ
उज्जैन में सभी प्रकार की वैदिक पूजाएँ — ₹2,100 से
पंडित गौरव शास्त्री से संपर्क करें। वे पिछले दो दशकों से अधिक समय से उज्जैन के प्रमुख मंदिरों में ग्रह दोष निवारण, विवाह संबंधी अनुष्ठान एवं पितृ दोष शांति जैसी जटिल वैदिक प्रक्रियाओं को विधिवत संपन्न करा रहे हैं। नीचे सभी 15 सेवाओं का विवरण दिया गया है।
काल सर्प दोष पूजा
Kaal Sarp Dosh Nivaran
यह विशेष अनुष्ठान नागचंद्रेश्वर मंदिर में संपन्न होता है। जब कुंडली में सातों ग्रह राहु-केतु के बीच आ जाते हैं तो यह दोष बनता है। इसमें 108 मंत्र जाप, विशेष हवन और नाग देवता का अभिषेक किया जाता है। उज्जैन को इस पूजा के लिए इसलिए सर्वोत्तम माना जाता है क्योंकि यह नागराज तक्षक की तपोस्थली है।
- 12 प्रकार के दोषों का अलग-अलग उपचार
- 1008 राहु-केतु मंत्र जाप एवं हवन
- नाग देवता का दूध-जल अभिषेक
मंगल दोष पूजा
Mangal Dosh Nivaran
मंगल की अशुभ स्थिति से विवाह में देरी और वैवाहिक जीवन में कलह हो सकती है। मंगलनाथ मंदिर में होने वाली इस पूजा में क्षिप्रा नदी के जल से अभिषेक, 108 मंगल मंत्रों का जाप और विशेष हवन शामिल है। यह मांगलिक दोष के निवारण का सबसे प्रभावी उपाय है।
- मंगलनाथ मंदिर में विशेष अनुष्ठान
- क्षिप्रा नदी के जल से अभिषेक
- विशेष मंगल हवन एवं आरती
भात पूजा (मंगलनाथ)
Bhat Puja Mangalnath
मंगलनाथ मंदिर की यह अनोखी परंपरा मांगलिक दोष निवारण का एक अभिन्न अंग है। इसमें भगवान को चावल अर्पित किए जाते हैं। यह अनुष्ठान वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि और बाधाओं को दूर करने के लिए किया जाता है। ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा भी उपलब्ध है।
- पारंपरिक चावल अर्पण विधि
- 108 मंगल मंत्र जाप एवं आरती
- प्रसाद एवं विशेष आशीर्वाद
अंगारक दोष पूजा
Angarak Dosh Nivaran
मंगल और राहु की युति से बनने वाला यह एक गंभीर दोष है जो करियर और स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। इसके निवारण के लिए रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय मंत्र का 108 बार जाप और तीन अनुभवी पंडितों द्वारा सामूहिक हवन किया जाता है।
- रुद्राभिषेक एवं विशेष हवन
- महामृत्युंजय मंत्र जाप
- तीन पंडितों द्वारा सामूहिक अनुष्ठान
नवग्रह शांति पूजा
Navgrah Shanti
यह सभी नौ ग्रहों—सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु एवं केतु—की सामूहिक शांति का अनुष्ठान है। यदि कुंडली में एक साथ कई ग्रह अशुभ हों तो यह पूजा अत्यंत लाभकारी होती है। इसमें ग्रह दान, मंत्र जाप और विशेष हवन शामिल हैं।
- 9 ग्रहों के लिए अलग-अलग मंत्र जाप
- ग्रह दान एवं विशेष हवन
- सभी ग्रहों की पूर्ण शांति
नारायण नागबली पूजा
Narayan Nagbali Pooja
क्षिप्रा नदी के तट पर होने वाला यह तीन दिवसीय अनुष्ठान पितृ दोष, नाग दोष और असामयिक मृत्यु दोष से मुक्ति दिलाता है। इसमें भगवान विष्णु और नाग देवता की विशेष पूजा के साथ-साथ पितृ तर्पण एवं दान किया जाता है।
- 3 दिवसीय विशेष अनुष्ठान
- भगवान विष्णु एवं नाग देवता पूजन
- पितृ तर्पण एवं दान
कुंभ विवाह
Kumbh Vivah
मांगलिक दोष से पीड़ित जातकों के लिए यह एक प्रतीकात्मक अनुष्ठान है जिसमें जातक का विवाह भगवान विष्णु या कलश से करवाया जाता है। इस प्रक्रिया के पश्चात वास्तविक विवाह में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और दांपत्य जीवन सुखमय बनता है।
- विष्णु या कलश से प्रतीकात्मक विवाह
- मांगलिक दोष का पूर्ण निवारण
- वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि
अर्क विवाह
Ark Vivah
यह सूर्य दोष या मांगलिक दोष के निवारण हेतु प्राचीन काल से प्रचलित अनुष्ठान है। इसमें जातक का विवाह अर्क (आक) के वृक्ष से करवाया जाता है। विशेष रूप से उन जातकों के लिए फलदायी है जिनकी कुंडली में सूर्य की स्थिति अशुभ होती है।
- अर्क वृक्ष से प्रतीकात्मक विवाह
- सूर्य एवं मंगल दोष का निवारण
- वैवाहिक बाधाओं का समाधान
शनि पूजा
Shani Puja
शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या के अशुभ प्रभावों को कम करने के लिए शनिवार के दिन विशेष अनुष्ठान किया जाता है। इसमें सरसों के तेल, काले तिल और लोहे की वस्तु का दान, तथा हनुमान चालीसा का पाठ प्रमुख है।
- शनि मंत्र जाप एवं विशेष हवन
- साढ़ेसाती एवं ढैय्या निवारण
- हनुमान चालीसा पाठ एवं दान
राहु पूजा
Rahu Puja
राहु की प्रतिकूलता से मानसिक तनाव, भ्रम और करियर में रुकावटें आती हैं। इस दोष के निवारण के लिए राहु काल में विशेष पूजा करवाई जाती है, जिसमें गोमेद रत्न की प्राण प्रतिष्ठा और 108 मंत्रों का जाप शामिल है।
- राहु काल में विशेष पूजा
- गोमेद रत्न प्राण प्रतिष्ठा
- 108 राहु मंत्र जाप
केतु पूजा
Ketu Puja
केतु दोष अचानक धन हानि और स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बनता है। इसकी शांति के लिए भगवान गणेश की विशेष आराधना, केतु मंत्र जाप और लहसुनिया रत्न धारण करने की विधि बताई जाती है।
- गणेश जी की विशेष आराधना
- केतु मंत्र जाप एवं हवन
- लहसुनिया रत्न धारण विधान
गुरु चांडाल दोष पूजा
Guru Chandal Dosh
गुरु और राहु की युति से बनने वाला यह दोष समाज में मान-सम्मान की हानि और करियर में बाधाएं उत्पन्न करता है। पीले वस्त्र धारण, पुखराज रत्न की प्राण प्रतिष्ठा और विशेष हवन के माध्यम से इसे शांत किया जाता है।
- गुरु-राहु शांति हेतु विशेष अनुष्ठान
- पीले वस्त्र एवं पुखराज धारण
- विशेष हवन एवं मंत्र जाप
महामृत्युंजय जाप
Mahamrityunjay Jaap
भगवान शिव को प्रसन्न करने का यह सर्वोत्तम मंत्र है। 1,25,000 बार महामृत्युंजय मंत्र का जाप स्वास्थ्य लाभ, दीर्घायु और अकाल मृत्यु से रक्षा के लिए अत्यंत कारगर माना गया है। इसे रुद्राभिषेक के साथ विधिवत संपन्न किया जाता है।
- 1,25,000 महामृत्युंजय मंत्र जाप
- रुद्राभिषेक एवं विशेष हवन
- अकाल मृत्यु से रक्षा
ऋण मुक्ति पूजा
Rin Mukti Puja
कर्ज से मुक्ति और आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने के लिए मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर का यह विशेष अनुष्ठान किया जाता है। इसमें श्री सूक्त का पाठ, ऋण मुक्ति यंत्र की स्थापना और हवन प्रमुख हैं।
- श्री सूक्त पाठ एवं यंत्र स्थापना
- लक्ष्मी-कुबेर पूजन
- ऋण मुक्ति हेतु विशेष हवन
विष दोष पूजा
Vish Dosh Puja
कुंडली में विष योग होने पर शत्रु वृद्धि और व्यापार में बाधाएं आती हैं। इस दोष को शांत करने के लिए भगवान विष्णु और भगवान शिव की विशेष पूजा, 108 मंत्र जाप और विशेष हवन किया जाता है।
- भगवान विष्णु एवं शिव पूजन
- विष दोष निवारण हेतु विशेष हवन
- 108 मंत्र जाप एवं दान